तेरे दरबार की है सखावत बड़ी

 

 

तेरे दरबार की है सखावत बड़ी
ख्वाजा हिंदल वाली, ख्वाजा हिंदल वली
तू महाराज है मैं रियाया तेरी
ख्वाजा हिंदल वाली, ख्वाजा हिंदल वाली।

तेरे खादिम ज़माने के सुल्तान हैं
तेरे महमान जन्नत के महमान हैं
कुर्सी पर कोई हो चलती है बस तेरी
ख्वाजा हिंदल वाली, ख्वाजा हिंदल वाली।

जिसको औलाद लेनी हो जाए वहां
वो अताए नबी कर रहे हैं अता
बांटते हैं गुलामों को वो ज़िंदगी
ख्वाजा हिंदल वाली, ख्वाजा हिंदल वाली।

कितने आए गए हिन्द में ताजवर
चंद दिन की थी उनकी हुकूमत मगर
800 साल से है हुकूमत तेरी
ख्वाजा हिंदल वाली, ख्वाजा हिंदल वाली।

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