Naat Sharif Hindi Me

Naat Sharif Hindi Me

 

 

होता अगर ज़मीन पर साया रसूल का
फिर पाओं उम्मती कहाँ रखता रसूल का

पढ़ते हैं यूँ तो ग़ैर भी कलमा रसूल का
जन्नत उसे मिलेगी जो होगा रसूल का

करते हैं एहतिराम जनाज़े का
इस लिए वो जा रहा है देखने चेहरा रसूल का

दुनिया को देखना भी गवारा नहीं किया
जब तक ‘अली ने देखा न चेहरा रसूल का

शेर-ए-ख़ुदा न बनता तो बनता भी और क्या?
बचपन से ही तो था ये पाला रसूल का

ना’रा रज़ा का लगता है दुनिया में इसलिए
अहमद रज़ा के लब पे था ना’रा रसूल का

 

हाल-ए-दिल किस को सुनाएँ.आप के होते हुए

Table of Contents

 

हाल-ए-दिल किस को सुनाएँ.आप के होते हुए
क्यूँ किसी के दर पे जाएँ, आप के होते हुए |

मैं गुलाम-ए-मुस्तफ़ा हूँ. ये मेरी पहचान है.
ग़म मुझे क्यूँ कर सताएँ. आप के होते हुए |

अपना जीना अपना मरना अब इसी चौखट पे है.
हम कहाँ सरकार जाएँ आप के होते हुए |

कह रहा है आप का रब अन्त फ़ीहिम आप से
क्यूँ इन्हें मैं दूँ सज़ाएँ आप के होते हुए |

सामने है. ए अली के लाल उस्वा आप का
क्यूँ किसी का ख़ौफ़ खाएँ. आप के होते हुए |

मैं ये कैसे मान जाऊँ शाम के दरबार में
छीन ले कोई रिदाएँ. आप के होते हुए |

ये तो हो सकता नहीं ये बात मुमकिन ही नहीं.
मेरे घर आलाम आएँ. आप के होते हुए |

कौन है. अल्ताफ़ अपना हाल-ए दिल जिस से कहें
ज़ख़्म-ए-दिल किस को दिखाएँ आप के होते हुए |

 

 

मेरे हुसैन तुझे सलाम लिरिक्स हिंदी Mere Hussain Tujhe Salam

 

मेरे हुसैन तुझे सलाम लिरिक्स हिंदी MERE HUSSAIN TUJHE SALAM MERE HUSSAIN TUJHE SALAAM LYRICS IN HINDI: आज एक और नात दुआ नात शरीफ लेकर हाजिर है जिसका नाम मेरे हुसैन तुझे सलाम लिरिक्स हिंदी में

NAAT SHARIF –
मेरे हुसैन तुझे सलाम लिरिक्स हिंदी
MERE HUSSAIN TUJHE SALAM IN HINDI
LANGUAGE – HINDI, ENGLISH
PDF FILE – NOT AVILABLE
MP3 – NOT AVILABEL
VIDIO – AVILABEL
SOURCE – BARKATERAZA.COM

 

 

मेरे हुसैन तुझे सलाम लिरिक्स हिंदी में

नात शरीफ मेरे हुसैन तुझे सलाम लिरिक्स हिंदी में MERE HUSSAIN TUJHE SALAAM LYRICS IN HINDI URDU

मेरे हुसैन तुझे सलाम, अस्सलाम या हुसैन
कर लिया नोश जिसने शहादत का जाम
उस हुसैन इब्ने हैदर पे लाखों सलाम
मेरे हुसैन तुझे सलाम।

जिसने हक़ कर्बला में अदा कर दिया
अपने नाना का वादा वफ़ा कर दिया
सब कुछ उम्मत की खातिर फ़िदा कर दिया
घर का घर सब सुपुरबेख़ुदा कर दिया
उस हुसैन इब्ने हैदर पे लाखों सलाम,

जिसका जन्नत से जोड़ा मंगाया गया
जिसको दोषे नबी पर बिठाया गया
जिसके भाई को ज़हर पिलाया गया
जिसको तीरों से छल्ली कराया गया
उस हुसैन इब्ने हैदर पे लाखों सलाम

जिसको धोखे से कूफ़े बुलाया गया
जिसको बैठे बिठाये सताया गया
जिसके बच्चों को प्यासा रुलाया गया
जिसकी गर्दन पे खंजर चलाया गया
उस हुसैन इब्ने हैदर पे लाखों सलाम

कर चूका वो अभी अपनी हुज्जत तमान
लेके अल्लाह और अपने नाना का नाम
कूफ़ियों को सुनाये खुदा के कलाम
और फ़िदा हो गया शाहे-अली मकाम
उस हुसैन इब्ने हैदर पे लाखों सलाम।

 

काबे के बदरू दूजा तुम पे करोड़ो दरूद नात शरीफ

 

काबे के बदरद्दुजा तुम पे करोरों दुरुद
त़यबा के शम्शुद्दह़ा तुम पे करोंरों दुरुद

शाफ़ेए रोज़े जज़ा तुम पे करोंरों दुरुद
दाफ़ेए जुमला बला तुम पे करोंरों दुरुद

जानो दिले अस्फ़िया तुम पे करोंरों दुरुद
आबो गिले अम्बिया तुम पे करोंरों दुरुद

लाएं तो यह दूसरा दो सरा जिस को मिला
कूश्के अ़र्शो दना तुम पे करोरों दुरुद

और कोई ग़ैब क्या तुमसे निहां हो भला
जब न खुदा ही छुपा तुम पे करोरों दुरुद

त़ूर पे जो शम्आ़ था चांद था साई़र का
नईयरे फ़ारां हुआ तुम पे करोरों दुरुद

दिल करो ठन्डा मेरा वोह कफ़े पा चांद सा
सीने पे रख दो ज़रा तुम पे करोरों दुरुद

काबे के बदरू दूजा तुम पे करोड़ो दरूद इन हिंदी

ज़ात हुई इन्तिख़ाब वस्फ़ हुए ला जवाब
नाम हुवा मुस्तफा तुम पे करोरों दुरुद

ग़ा-यतो इ़ल्लत सबब बहरे जहां
तुम हो सब तुम से बना तुम बिना तुम पे करोरों दुरुद

तुम से जहां की ह़यात तुम से जहां का सबात
अस्ल से है ज़िल बंधा तुम पे करोरों दुरुद

मग़्ज़ हो तुम और पोस्त और हैं बाहर के दोस्त
तुम हो दरूने सरा तुम पे करोरों दुरुद

क्या हैं जो बेह़द हैं लौस तुम तो हो ग़ैस और ग़ौस
छींटे में होगा भला तुम पे करोरों दुरुद

तुम हो ह़फ़ीज़ो मुग़ीस क्या है वोह दुश्मन ख़बीस
तुम हो तो फिर ख़ौफ़ क्या तुम पे करोरों दुरुद

वोह शबे मे’राज राज वोह सफ़े मह़शर का ताज
कोई भी ऐसा हुआ तुम पे करोरों दुरुद

जानो जहाने मसीह़ दाद कि दिल है जरीह़
नब्ज़े छूटीं दम चला तुम पे करोरों दुरुद

उफ़ वोह रहे संग लाख़ आह यह पा शाख़ शाख़
ऐ मेरे मुश्किल कुशा तुम पे करोरों दुरुद

तुम से खुला बाबे जूद तुम से है सबका वुजूद
तुम से है सबकी बक़ा तुम पे करोरों दुरुद

ख़स्ता हूं और तुम मआ़ज़ बस्ता हूं और तुम मलाज़
आगे जो शह की रिज़ा तुम पे करोरों दुरुद

गर्चे हैं बेह़द कुसूर तुम हो अ़फ़ुव्वो गफ़ूर
बख़्श दो जुर्मो ख़ता तुम पे करोरों दुरुद

मेह़रे खुदा नूर नूर दिल है सियह दिन है दूर
शब में करो चांदना तुम पे करोरों दुरुद

तुम हो शहीदो बशीर और मैं गुनह पर दिलीर
खोल दो चश्मे ह़या तुम पे करोरों दुरुद

छींट तुम्हारी सह़र छूट तुम्हारी क़मर
दिल में रचा दो ज़िया तुम पे करोरों दुरुद

बे हुनरो बे तमीज़ किस को हुए हैं अज़ीज़
एक तुम्हारे सिवा तुम पे करोरों दुरुद

आस है कोई न पास एक तुम्हारी है आस
बस यही आसरा तुम पे करोरों दुरुद

त़ा-रमे आ’ला का अ़र्श जिस कफ़े पा का है फ़र्श
आंखों पे रख दो ज़रा तुम पे करोरों दुरुद

कहने को हैं आमो ख़ास एक तुम्ही हो ख़लास
बन्द से कर दो रिहा तुम पे करोरों दुरुद

तुम हो शिफ़ाए मरज़ ख़ल्क़े खुदा खुद ग़रज़
ख़ल्क की ह़ाजत भी क्या तुम पे करोरों दुरुद

आह वोह राहे सिरात बन्दों की कितनी बिसात
अल मदद ऐ रहनुमा तुम पे करोरों दुरुद

बे अदबो बद लिह़ाज़ कर न सका कुछ ह़िफ़ाज़
अफ़्व पे भूला रहा तुम पे करोरों दुरुद

लो तहे दामन की शम्अ़ झोंकों में है रोज़े जम्अ़
आंधियों से ह़श्र उठा तुम पे करोरों दुरुद

सीना की है दाग़ दाग़ कह दो करे बाग़ बाग़
त़यबा से आकर सबा तुम पे करोरों दुरुद

गेसूओ क़द लाम अलिफ़कर दो बला मुन्सरिफ़
ला के तझहे तैग़े -ला-तुम पे करोरों दुरुद

तुमने ब रंगे फ़लक़ जैबे जहां करके शक़
नूर का तड़का किया तुम पे करोरों दुरुद

नौबते दर हैं फ़लक ख़ादिमें दर हैं मलक
तुम हो जहां बादशाह तुम पे करोरों दुरुद

ख़िल्क़ तुम्हारी जमील खुल्क़ तुम्हारा जलील
ख़ल्क़ तुम्हारी गदा तुम पे करोरों दुरुद

गन्दे निकम्मे कमीन महंगे हों कौड़ी के तीन
कौन हमें पालता तुम पे करोरों दुरुद

बाट ना दर के कहीं घाट ना घर के कहीं
ऐसे तुम्हीं पालना तुम पे करोरों दुरुद

ऐसों को ने’मत खिलाओ दुध के शरबत पिलाओ
ऐसों को ऐसी ग़िज़ा तुम पे करोरों दुरुद

गिरने को हूं रोक लो ग़ोत़ा लगे हाथ दो
ऐसों पर ऐसी अ़त़ा तुम पे करोरों दुरुद

अपने ख़त़ावारों को अपने ही दामन में लो
कौन करे यह भला तुम पे करोरों दुरुद

कर के तुम्हारे गुनाह़ मांगे तुम्हारी पनाह
तुम कहो दामन में आ तुम पे करोरों दुरुद

कर दो अदू को तबाह ह़ासिदों को रु बराह
अहले विला का भला तुम पे करोरों दुरुद

हमने ख़त़ा में न की तुम ने अ़त़ा में न की
कोई कमी सरवरा तुम पे करोरों दुरुद

काम ग़ज़ब के किये उस पे है सरकार से
बन्दों को चश्में रिज़ा तुम पे करोरों दुरुद

आंख अत़ा कीजिये उस में ज़िया दीजिये
जल्वा करीब आ गया तुम पे करोरों दुरुद

काम वोह ले लीजिए तुम को जो राज़ी करे
ठीक हो नामे रज़ा तुम पे करोरों दुरुद

 

तेरा नाम ख़्वाजा मुईनुद्दीन.

 

तेरा नाम ख़्वाजा मुईनुद्दीन.
तु रसूल ए पाक की आल है |

तेरी शान ख़्वाजा ए ख़्वाजगां.
तुझे बेकसों का ख्याल है।

मेरा बिगड़ा वक्त संवार दो.
मेरे ख़्वाजा मुझको नवाज़ दो |

तेरी एक निगाह की बात है.
मेरी जिंदगी का सवाल है |

मैं गदाए ख़्वाजा ए चिश्त हूं.
मुझे इस गदाई पे नाज़ है |

मेरा नाज़ ख़्वाजा पे क्यों न हो.
मेरा ख़्वाजा बंदा नवाज़ है |

मेरा ख़्वाजा अता ए रसूल है.
वो बहार ए चिश्त का फूल है|

वो बहार ए गुलशने फातिमा.
चमने अली का निहाल है |

यहां भीख मिलती है बेगुमां.
ये बड़े सखी का है आस्तां |

यहां सबकी भरती है झोलियाँ.
ये दर ए गरीब नवाज़ है |

 

काबे की रौनक काबे का मंजर

 

काबे की रौनक काबे का मंजर
अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर|

देखूं तो देखे जाऊँ बराबर
अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर|

हैरत से खुद को कभी देखता हूँ
और देखता हूँ कभी मैं हराम को
लाया कहाँ मुझ को मेरा मुकद्दर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर|

हम्दे खुदा से तर है जुबाने
कानो में रस घोलती है अज़ाने
बस एक सदा आ रही है बराबर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर|

मांगी है मैं ने जितनी दुआएँ
मंजूर होंगी मकबूल होंगी
मीज़ाबे रहमत है मेरे सर पर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर|

याद आ गई जब अपनी खाताएँ
अश्कों में ढलने लगी इल्तिजाएँ
रोया घिलाफे काबा पकड़ कर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर|

अपनी अता से बुलवा लिया है
मुझ पर करम मेरे रब ने किया है
पहुंचा हातिमे काबा के अंदर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर|

भेजा है जन्नत से तुझ को खुदा ने
चूमा है तुझ को खुद मुस्तफा ने
ऐ संगे असवद तेरा मुकद्दर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर|

जिस पर नबी के कदम को सजया
अपनी निशानी कह कर बताया
महफूज रखा रब ने वो पत्थर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर|

देखा सफा भी मरवा भी देखा
रब के करम का जलवा भी देखा
देखा रवाँ एक सरों का समंदर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर|

कबे के ऊपर से जाते नहीं हैं
किस को अदब ये सिखाते नहीं हैं
कितने मुअद्दब है ये कबूतर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर|

तेरे करम की क्या बात मौला
तेरे हरम की क्या बात मौला
ता उमर कर दे आना मुकद्दर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर|

मौला सबीह और क्या चाहता है
बस मगफिरत की अता चाहता है
बख्शीश के तालिब पे अपना करम कर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर

 

या नबी सलाम अलैका या रसूल इन हिंदी

YA NABI SALAM ALAIKA IN HINDI : SALATO SALAM IN HINDI

या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका
या हबीब सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका
भेज दो अपनी अताएं, बख्श दो सबकी ख़ताएँ
दूर हो ग़म की घटाएँ, वज्द में हम यूँ सुनाएँ
या नबी सलाम अलैका…

जब नबी पैदा हुए थे,सब मलक दर पर खड़े थे
रब्बे सल्लिम पढ़ रहे थे, बाअदब यूँ कह रहे थे
या नबी सलाम अलैका…

आपका तशरीफ़ लाना, वक़्त भी कितना सुहाना
जगमगा उठा ज़माना, हूरें गाती थी तराना
या नबी सलाम अलैका…

रहमतों के ताजवाले, दो जहां के राजवाले
अर्श के मेहराजवाले, आसियों की लाजवाले
या नबी सलाम अलैका…

पूरी या रब ये दुआ कर, हम दर-ए-मौला पे जाकर
पहले कुछ नातें सुनाकर, ये पढ़ें सर को झुकाकर
या नबी सलाम अलैका…

बख़्श दो जो चीज़ चाहो, क्यूँ के महबूबे ख़ुदा हो
आप तो बाबे सखा हो, हाँ मुझे भी कुछ अता हो
या नबी सलाम अलैका…

जान कर काफी सहारा, ले लिया है दर तुम्हारा
ख़ल्क़ के वारिस ख़ुदारा , लो सलाम अब तो हमारा
या नबी सलाम अलैका…

ऐ मेरे मौला के प्यारे, नूर की आँखों के तारे
अब किसे सैयद पुकारें, हम तुम्हारे तुम हमारे
या नबी सलाम अलैका…

वास्ता ग़ौसुल वरा का, वास्ता ख़्वाजा पिया का,
वास्ता कुल औलिया का, ग़म न हो रोज़े जज़ा का
या नबी सलाम अलैका…

सुबह लूँगा शाम लूँगा, तेरा प्यारा नाम लूँगा
क़ब्र से उठते ही आक़ा, तेरा दामन थाम लूँगा
या नबी सलाम अलैका…

 

YA ILAHI HAR JAGAH TERI ATA KA SATH HO LYRICS IN HINDI

 

 

या इलाही हर जगह तेरी अता का साथ हो नात शरीफ YA ILAHI HAR JAGAH TERI ATA KA SATH HO LYRICS IN HINDI YA ILAHI HAR JAGAH TERI ATA KA SATH HO RINGTONE TERI ATA KA SATH HO

या इलाही हर जगह तेरी अता का साथ हो नजम
YA ILAHI HAR JAGAH TERI ATA KA SATH HO नज्म नजम दुआ सलाम लिरिक्स रिंगटोन कव्वाली फोटो पीडीऍफ़ डाउनलोड: शायर: इमाम अहमद रज़ा खान बरेलवी

या इलाही हर जगह तेरी नात शरीफ
या इलाही हर जगह तेरी अ़त़ा का साथ हो
जब पड़े मुश्किल शहे मुश्किल-कुशा का साथ हो
या इलाही भूल जाऊँ नज़्अ’ की तकलीफ़ को
शादी-ए-दीदार-ए-ह़ुस्न-ए-मुस्त़फ़ा का साथ हो
या इलाही गोर-ए-तीरा की जब आए सख़्त रात
उन के प्यारे मुँह की सुब्ह़-ए-जाँ-फ़िज़ा का साथ हो
या इलाही जब पड़े मह़शर में शोर-ए-दार-ओ-गीर
अम्न देने वाले प्यारे पेशवा का साथ हो
या इलाही जब ज़बानें बाहर आएँ प्यास से
साह़िब-ए-कौसर, शह-ए-जूद-ओ-अ़त़ा का साथ हो
या इलाही सर्द-मेहरी पर हो जब ख़ुर्शीद-ए-ह़श्र
सय्यिद-ए-बे-साया के ज़िल्ल-ए-लिवा का साथ हो
या इलाही गर्मी-ए-मह़शर से जब भड़कें बदन
दामन-ए-मह़बूब की ठंडी हवा का साथ हो
या इलाही नामा-ए-आ’माल जब खुलने लगें
ऐ़ब-पोश-ए-ख़ल्क़, सत्तार-ए-ख़त़ा का साथ हो
या इलाही जब बहें आँखें ह़िसाब-ए-जुर्म में
उन तबस्सुम-रेज़ होंटों की दुअ़ा का साथ हो
या इलाही जब ह़िसाब-ए-ख़ंद-ए-बे-जा रुलाए
चश्म-ए-गिर्यान-ए-शफ़ी-ए़-मुर्तजा का साथ हो
या इलाही रंग लाएँ जब मेरी बे-बाकियाँ
उन की नीची नीची नज़रों की ह़या का साथ हो
या इलाही जब चलूँ तारीक राह-ए-पुल-सिरात़
आफ़्ताब-ए-हाशिमी नूरुल-हुदा का साथ हो
या इलाही जब सर-ए-शमशीर पर चलना पड़े
रब्बे सल्लिम’ कहने वाले ग़म-जु़दा का साथ हो
या इलाही जो दुअ़ाए नेक मैं तुझ से करे
क़ुदसियों के लब से आमीं रब्बना का साथ हो
या इलाही जब रज़ा ख़्वाब-ए-गिराँ से सर उठाए
दौलत-ए-बेदार-ए-इ़श्क़-ए-मुस्त़फा का साथ हो

 

UNKI MAHEK NE DIL KE LYRICS

नात लिरिक्स उनकी महक ने दिल के गुंचे खिला दिए
नात शायर इमाम अहमद रज़ा ख़ान
LANGAUGE HINDI, ENGLISH, URDU
VIDIO WATCH HERE
PDF NA
केटेगरी नात शरीफ लिरिक्स
MP3
उनकी महक ने दिल के गुंचे खिला दिए नात लिरिक्स

उनकी महक ने दिल के गुंचे खिला दिए लिरिक्स

 

  • उन की महक ने दिल के ग़ुंचे खिला दिये हैं
  • जिस राह चल गए हैं कूचे बसा दिये हैं
  • जब आ गई हैं जोश-ए-रहमत पे उन की आँखें
  • जलते बुझा दिये हैं, रोते हँसा दिये हैं
  • इक दिल हमारा क्या है, आज़ार इस का कितना
  • तुम ने तो चलते फिरते मुर्दे जिला दिये हैं
  • उन के निसार कोई कैसे ही रंज में हो
  • जब याद आ गए हैं, सब ग़म भुला दिये हैं
  • हम से फ़क़ीर भी अब फेरी को उठते होंगे
  • अब तो ग़नी के दर पर बिस्तर जमा दिये हैं
  • असरा में गुज़रे जिस दम बेड़े पे क़ुदसियों के
  • होने लगी सलामी, परचम झुका दिये हैं
  • आने दो या डुबो दो अब तो तुम्हारी जानिब
  • कश्ती तुम्हीं पे छोड़ी लंगर उठा दिये हैं
  • दूल्हा से इतना कह दो, प्यारे !
  • सुवारी रोको मुश्किल में हैं बराती, पुर-ख़ार बादिये हैं
  • अल्लाह क्या जहन्नम अब भी न सर्द होगा
  • रो रो के मुस्तफ़ा ने दरिया बहा दिये हैं
  • मेरे करीम से गर क़तरा किसी ने माँगा
  • दरिया बहा दिये हैं, दुर्र-बे-बहा दिये हैं
  • मुल्क-ए-सुख़न की शाही तुम को, रज़ा
  • मुसल्लम जिस सम्त आ गए हो सिक्के बिठा दिये हैं

 

 

ऐ सबा मुस्तफा से कह देना LYRICS HINDI AYE SABA MUSTAFA SE KEH DENA LYRICS IN HINDI URDU ISOBAR MUSTAFA SE KEH DENA GHAM KE MAARE SALAM ए सबा मुस्तफा से कह देना लिरिक्स इन हिंदी

ऐ सबा मुस्तफा से कह देना लिरिक्स इन हिंदी

आज एक और नात शरीफ सलाम दुआ ऐ सबा मुस्तफा (AYE SABA MUSTAFA SE KEH DENA IN HINDI ) से कह देना इन हिंदी में लेकर हाजिर है:-

  • ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
  • ग़म के मारे सलाम कहते हैं
  • याद करते है तुमको शाम-ओ-सहर
  • बे-सहारे सलाम कहते हैं
  • अल्लाह अल्लाह हुज़ूर की बातें
  • मरहबा रंगो नूर की बातें
  • चांद जिनकी बलायें लेता है
  • और तारे सलाम कहते हैं
  • ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
  • ग़म के मारे सलाम कहते हैं
  • ज़ाईरे क़ाबा तू मदीने में
  • मेरे आक़ा से इतना कह देना
  • प्यारे आक़ा रसूल सुन लीजे
  • ग़म के मारे सलाम कहते हैं
  • ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
  • ग़म के मारे सलाम कहते हैं
  • ज़िक्र था आखरी महीने का
  • तज़किरा छिड़ गया मदीने का
  • हाजियों मुस्त़फा से कह देना
  • ग़म के मारे सलाम कहते हैं
  • ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
  • ग़म के मारे सलाम कहते हैं
  • सब्ज़ ग़ुम्बद का आंख में मंज़र
  • और तसव्वुर में आपका मिम्बर
  • सामने जालियां हैं रौज़े की
  • आजिज़ी से सलाम कहते हैं
  • ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
  • ग़म के मारे सलाम कहते हैं
  • अल्लाह अल्लाह हुज़ूर के ग़ेंसू
  • भीनी भीनी महकती वोह खुश्बू
  • जिनसे मामूर है फिज़ा हर सू
  • वो नज़ारे सलाम कहते हैं
  • ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
  • ग़म के मारे सलाम कहते हैं
  • ऐ ख़ुदा के ह़बीब प्यारे रसूल
  • ये हमारा सलाम कीजे कुबूल
  • आज महफ़िल में जितने हाज़िर हैं
  • मिलके सारे सलाम कहते हैं
  • ऐ सबा मुस्तफा से कह देना
  • ग़म के मारे सलाम कहते हैं
  • याद करते है तुमको शाम-ओ-सहर
  • दिल हमारे सलाम कहते हैं

 

Wo Mera Nabi Hai Lyrics in hindi

 

वो मेरा नबी मेरा नबी मेरा नबी है
वो मेरा नबी मेरा नबी मेरा नबी है

वो जिसके लिए महफ़िल-ए-कौनैन सजी है
फिरदौस-ए-बरी जिसके वसीले से बनी है
वो हाशमी, मक्की मदनी अल-अरबी है
वो मेरा नबी मेरा नबी मेरा नबी है

अहमद है मुहम्मद है वो ख़त्म-ए-रसूल है
मखदूम ओ मुरब्बी है वही वाली-ए-कुल है
उस पर ही नज़र सारे ज़माने की लगी है
वो मेरा नबी मेरा नबी मेरा नबी है

वश-शम्स ओ दुहा चेहरा-ए-अनवर की जलक है
वल-लैल सजा गेसू-ए-हज़रत की लटक है
आलम को ज़िया जिसके वसीले से मिली है
वो मेरा नबी मेरा नबी मेरा नबी है

अल्लाह का फरमान अलम-नशराह-लक-सदरक
मंसूब है जिस से व-रफ’आना लक ज़िक्रक
जिस ज़ात का क़ुरआन में भी ज़िक्र-ए-जली है
वो मेरा नबी मेरा नबी मेरा नबी है

मुज़्ज़म्मिल ओ यासीन ओ मुदस्सिर ओ ताहा
क्या क्या नए अलक़ाबों से मौला ने पुकारा
क्या शान है उसकी के जो उम्मी लक़बी है
वो मेरा नबी मेरा नबी मेरा नबी है

वो ज़ात के जो मज़हर-ए-लौह-ओ-क़लम है
जो साहिब-ए-रफरफ शब्-ए-में’राज हुआ है
असरा में इमामत जिसे नबियों की मिली है
वो मेरा नबी मेरा नबी मेरा नबी है

किस दर्जा ज़माने में थी मज़लूमी-ए-औऱत
फिर जिसके बदौलत मिली इसे इज़्ज़त ओ रिफ़’अत
वो मोहसिन ओ ग़म-ख़्वार हमारा ही नबी है
वो मेरा नबी मेरा नबी मेरा नबी है

वो जिसके लिए महफ़िल-ए-कौनैन सजी है
फिरदौस-ए-बरी जिसके वसीले से बनी है
वो हाशमी, मक्की, मदनी, अल-अरबी है
वो मेरा नबी मेरा नबी मेरा नबी है

 

Hasbi Rabbi Jallallah Lyrics In Hindi

 

हसबी रब्बी जलल्लाह मा फ़ी क़लबी ग़ैरुल्लाह
नूर-ए-मुहम्मद सल्लल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाह

तेरे सदके में आका सारे जहां को दीन मिला
बेदीनों ने कलमा पढ़ा, ला इलाहा इल्लल्लाह

हस्बी रब्बी जलल्लाह, मा फी क़लबी ग़ैरुल्लाह
नूर-ए-मुहम्मद सल्लल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाह

सिमत-ए-नबी अबू जेहल गया आका से उसने ये कहा
अगर हो नबी बतलाओ जरा, मेरी मुट्ठी में है क्या

आक़ा का फ़रमान हुआ और फ़ज़ल-ए-रहमान हुआ
मुट्ठी से पत्थर बोला, ला इलाहा इल्लल्लाह

हस बी रब बी जलल्लाह, मा फी क़लबी ग़ैरुल्लाह
नूर-ए-मुहम्मद सल्लल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाह

वो जो बिलाल-ए-हब्शी है, सरवर-ए-दीन का प्यारा है
दुनिया के हर आशिक की आँखों का वो तारा है

ज़ुल्म हुए कितने उसपर सीने पर रखा पत्थर
लब पर फिर भी जारी था, ला इलाहा इल्लल्लाह

हस बी रब बी जलल्लाह, मा फी क़लबी ग़ैरुल्लाह
नूर-ए-मुहम्मद सल्लल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाह

अपनी बहन से बोले उमर, ये तो बता क्या करती थी
मेरे आने से पहले क्या चुपके चुपके पढ़ती थी

बहन ने जब क़ुरान पढ़ा, सुनके कलाम-ए-पाक ख़ुदा
दिल ये उमर का बोल उठा, ला इलाहा इल्लल्लाह

हस बी रब बी जलल्लाह, मा फी क़लबी ग़ैरुल्लाह
नूर-ए-मुहम्मद सल्लल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाह

दुनिया के इंसान सभी शिर्क-ओ-बिदअत करते थे
रब के थे बंदे फिर भी बूत की इबादत करते थे

बुतखाने हैं ठर्रये मेरे नबी हैं जब आये
कहने लगी मख़्लूक़-ए-ख़ुदा, ला इलाहा इल्लल्लाह

हस बी रब बी जलल्लाह, मा फी क़लबी ग़ैरुल्लाह
नूर-ए-मुहम्मद सल्लल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाह

 

Salle Ala Pukaro Sarkar Aa Rahe Hain Lyrics

 

Salle Ala Pukaro Sarkar Aa Rahe Hain Lyrics | सल्ले अला पुकारो सरकार आ रहे हैं – इन हिंदी !

 

 

सल्ले अला पुकारो सरकार आ रहे हैं
उठ्ठो अये बेसहारों सरकार आ रहे हैं
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिन

मौलूद की गड़ी है चलो आमेना के घर पर
अये खुल्द की बहारों सरकार आ रहे हैं
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिन

जो माँगना है मांगो जो लेना है सो लेलो
दुनिया के ताजदरों सरकार आ रहे हैं
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिन

पुरनूर है ज़माना सुब्हे शबे विलादत
पर्दा उठा है किसका सुब्हे शबे विलादत
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिन

प्यारे रबीउल-अव्वल तेरी जलक के सदक़े
चमका दिया नसीबा, सुब्हे शबे विलादत
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिन

आयी नयी हुकूमत, सिक्का नया चलेगा
आलम ने रंग बदला सुब्हे शबे विलादत
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिन

निसार तेरी चहल पहल पर हज़ारों ईदें रबीउल-अव्वल
सिवाए इब्लीस के जहां में सभी तो खुशियां मना रहे हैं
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिन

ज़माने भर का ये क़ाइदा है के जिसका खाना उसी का गाना
तो नेअमतें जिनकी खा रहे हैं उन्हीं के हम गीत गा रहे हैं
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्म

मरहबा मरहबा जद्दल-हुसैनी मरहबा
मरहबा मरहबा या नूरुल अ-यनि मरहबा
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिन

आमेना बीबी का जाया बारवी तारीख आया
सुब्हे सादिक़ ने सुनाया सलवा तुल्लाही अलैक
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिन

आमेना बीबी के गुलशन में आयी है ताजा बहार
पड़ते हैं सल्ला-अलैक व सल्लम आज डरो दीवार
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिन

काबे के बद्रुद-दूजा तुमपे करोड़ों दुरूद
तयबाह के शम्सो-द-दुहा तुमपे करोड़ों दुरूद
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिन

सुबह तयबाह में हुई बंटता है बाड़ा नूर का
सदक़ा लेने नूर का आया है तारा नूर का
अल्लाहुम्म सल्ले अला सैय्यिदिना मुहम्मदिनदिन

 

अस्सलातू वस्सलामू अलाइका ASSALATU WASSALAMU ALAIKA LYRICS NOOR WALA AYA HAI NAAT LYRICS ASSALATU WASSALAMU ALAIKA YA RASOOL ALLAH

 

नात लिरिक्स अस्सलातू वस्सलामू अलाइका | ASSALATU WASSALAMU ALAIKA
नात शायर NA
PDF NA
IMAGE NA
MP3 NA
VIDIO WATCH HERE
केटेगरी नात लिरिक्स इन हिंदी
अस्सलातू वस्सलामू अलाइका | ASSALATU WASSALAMU ALAIKA

अस्सलातू वस्सलामू अलाइका या हबीब अल्लाह

 

  1. ASSALATU WASSALAMU ALAIKA LYRICS HINDI
  2. नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है
  3. सारे ‘आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
  4. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या रसूलल्लाह
  5. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या हबीबल्लाह
  6. जब तलक ये चाँद-तारे झिलमिलाते जाएँगे
  7. तब तलक जश्न-ए-विलादत हम मनाते जाएँगे
  8. नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है
  9. सारे ‘आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
  10. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या रसूलल्लाह
  11. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या हबीबल्लाह
  12. ना’त-ए-महबूब-ए-ख़ुदा सुनते सुनाते जाएँगे
  13. या रसूलल्लाह का ना’रा लगाते जाएँगे
  14. नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है
  15. सारे ‘आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
  16. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या रसूलल्लाह
  17. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या हबीबल्लाह
  18. जश्न-ए-मीलाद-ए-मुबारक कैसे छोड़ें हम भला
  19. जिन का खाते हैं उन्हीं के गीत गाते जाएँगे
  20. नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है
  21. सारे ‘आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
  22. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या रसूलल्लाह
  23. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या हबीबल्लाह
  24. चार जानिब हम दिये घी के जलाते जाएँगे
  25. घर तो घर सारे मुहल्ले को सजाते जाएँगे
  26. नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है
  27. सारे ‘आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
  28. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या रसूलल्लाह
  29. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या हबीबल्लाह
  30. ईदे-ए-मीलादुन्नबी की शब चराग़ाँ कर के हम

अस्सलातू वस्सलामू अलाइका या हबीब अल्लाह नात शरीफ हिंदी में

  1. क़ब्र नूर-ए-मुस्तफ़ा से जगमगाते जाएँगे
  2. नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है
  3. सारे ‘आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
  4. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या रसूलल्लाह
  5. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या हबीबल्लाह
  6. तुम करो जश्न-ए-विलादत की ख़ुशी में रौशनी
  7. वो तुम्हारी गोर-ए-तीरा जगमगाते जाएँगे
  8. नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है
  9. सारे ‘आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
  10. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या रसूलल्लाह
  11. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या हबीबल्लाह
  12. हश्र में ज़ेर-ए-लिवा-ए-हम्द, ऐ ‘अत्तार
  13. हम ना’त-ए-सुल्तान-ए-मदीना गुनगुनाते जाएँगे
  14. नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है
  15. सारे ‘आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
  16. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या रसूलल्लाह
  17. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या हबीबल्लाह
  18. बहर-ए-बख़्शिश पास अपने कुछ नहीं इस के सिवा
  19. ‘उम्र-भर ना’तें सुनेंगे और सुनाते जाएँगे
  20. नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है
  21. सारे ‘आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
  22. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या रसूलल्लाह
  23. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या हबीबल्लाह
  24. ना’त-ख़्वानी मौत भी हम से छुड़ा सकती नहीं
  25. क़ब्र में भी मुस्तफ़ा के गीत गाते जाएँगे
  26. नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है
  27. सारे ‘आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
  28. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या रसूलल्लाह
  29. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या हबीबल्लाह
  30. या रसूलल्लाह के ना’रे से हम को प्यार है
  31. हम ने ये ना’रा लगाया अपना बेड़ा पार है
  32. नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है
  33. सारे ‘आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है
  34. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या रसूलल्लाह
  35. अस्सलातु व-स्सलामु ‘अलैका या हबीबल्लाह !

 

ताजदार-ए-हरम ऐ शहंशाह-ए-दीं

 

 

ताजदार-ए-हरम ऐ शहंशाह-ए-दीं
तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

हो निगाहेन करम मुझ पे सुल्तान-ए-दीं
तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

कोई हुस्न-ए-अमल पास मेरे नहीं
फँस न जाऊँ क़ियामत में मौला कहीं
ऐ शफ़ी-ए-उमम लाज रखना तुम्हीं
तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

मौत के वक़्त कर दो निगाह-ए-करम
काश इस शान से ये निकल जाए दम
संग-ए-दर पर तुम्हारे हो मेरी जबीं
तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

दूर रह कर न दम टूट जाए कहीं
काश तयबा में ऐ मेरे माह-ए-मुबीं !
दफ़्न होने को मिल जाए दो गज़ ज़मीं
तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

अब बुला लो मदीने में अत्तार को
अपने क़दमों में रख लो गुनहगार को
कोई इस के सिवा आरज़ू ही नहीं
तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

ताजदार-ए-हरम ऐ शहंशाह-ए-दीं
तुम पे हर दम करोड़ों दुरूद-ओ-सलाम

 

 

कितना प्यारा है प्यारे मुहम्मद का नाम

 

कितना प्यारा है प्यारे मुहम्मद का नाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

कितना प्यारा है प्यारे मुहम्मद का नाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

वो शाह-ए-दीं वो पैगम्बरों के इमाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

जिनकी तारीफ अल्लाह ताला करें
उनकी तारीफ बेहतर कोई क्या करे
वो हैं आक़ा हमारे हम हैं उनके गुलाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

कितना प्यारा है प्यारे मुहम्मद का नाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

कौन केहता है वो हैं अरब के लिए
मुस्तफा जाने रहमत है सबके लिए
जिनपे नाज़िल हुआ है खुदा का कलाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

कितना प्यारा है प्यारे मुहम्मद का नाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

सारे आलम में फैज़ान-ए उम्मती
मौत आएगी आखिर कहीं ना कहीं
बख्शवायेंगे पैग़म्बरों के इमाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

कितना प्यारा है प्यारे मुहम्मद का नाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

कलमा पढ़ते हुए जब निकल जाए दम
फिर ऐ समझो की पाया है बागे इरम
उनको आका पिलायेंगे कौशर का जाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

कितना प्यारा है प्यारे मुहम्मद का नाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

नाम लेने से दरदे दिल होता है कम
इसलिए नाम आका के लेते हैं हम
मुस्तफा जाने रहमत पे लाखों सलाम
शमए बज्मे हिदायत पे लाखों सलाम

कितना प्यारा है प्यारे मुहम्मद का नाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

झुम कर लिख रहा है ये मेरा कलम
शहर-ए-यारे इरम ताजदारे हरम
नौ-बहारे शफ़ाअत पे लाखों सलाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

कितना प्यारा है प्यारे मुहम्मद का नाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

कितना प्यारा है प्यारे मुहम्मद का नाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

वो शाह-ए-दीं वो पैगम्बरों के इमाम
उनपे लाखों दुरूद उनपे लाखों सलाम

 

जश्न-ए-आमद-ए-रसूल अल्लाह ही अल्लाह

 

जश्न-ए-आमद-ए-रसूल अल्लाह ही अल्लाह
बीबी आमिना के फूल अल्लाह ही अल्लाह

अल्लाह ही अल्लाह ! बोलो ! अल्लाह ही अल्लाह
अल्लाह ही अल्लाह ! बोलो ! अल्लाह ही अल्लाह

जब कि सरकार तशरीफ़ लाने लगे
हूर-ओ ग़िल्माँ भी ख़ुशियाँ मनाने लगे
हर तरफ़ नूर की रौशनी छा गई
मुस्तफ़ा क्या मिले ज़िंदगी मिल गई

ए हलीमा तेरी गोद में आ गए
दोनों आलम के रसूल अल्लाह ही अल्लाह

अल्लाह ही अल्लाह ! बोलो ! अल्लाह ही अल्लाह
अल्लाह ही अल्लाह ! बोलो ! अल्लाह ही अल्लाह

चेहरा-ए-मुस्तफ़ा जब दिखाया गया
झुक गए तारे और चाँद शर्मा गया
आमिना देख कर मुस्कुराने लगीं
हव्वा मरियम भी ख़ुशियाँ मनाने लगीं

आमिना बीबी सब से ये कहने लगीं
दुआ हो गई क़ुबूल अल्लाह ही अल्लाह

अल्लाह ही अल्लाह ! बोलो ! अल्लाह ही अल्लाह
अल्लाह ही अल्लाह ! बोलो ! अल्लाह ही अल्लाह

शादियाने ख़ुशी के बजाए गए
शादी के नग्मे सब को सुनाए गए
हर तरफ़ शोर-ए-सल्ले अला हो गया
आज पैदा हबीब-ए-ख़ुदा हो गया

फिर तो जिब्रील ने भी ये एलां किया
ये ख़ुदा के हैं रसूल अल्लाह ही अल्लाह

अल्लाह ही अल्लाह ! बोलो ! अल्लाह ही अल्लाह
अल्लाह ही अल्लाह ! बोलो ! अल्लाह ही अल्लाह

उन का साया ज़मीं पर न पाया गया
नूर से नूर देखो जुदा न हुआ
हम को आबिद नबी पर बड़ा नाज़ है
क्या भला मेरे आक़ा का अंदाज़ है

जिस ने रुख पर मली वो शिफ़ा पा गया
अर्ज़-ए-तयबा तेरी धूल अल्लाह ही अल्लाह

अल्लाह ही अल्लाह ! बोलो ! अल्लाह ही अल्लाह
अल्लाह ही अल्लाह ! बोलो ! अल्लाह ही अल्लाह

 

मैं मदीने चला मैं मदीने चला

 

 

मैं मदीने चला मैं मदीने चला
फिर करम हो गया मैं मदीने चला

कैफ सा छा गया मैं मदीने चला
मस्तो बेखुद बना मैं मदीने चला

क्या बताऊँ मिली दिल को कैसी ख़ुशी
जब ये मुज़्दा सुना मैं मदीने चला

फिर इजाज़त मिली जब ख़बर ये सुनी
दिल मेरा झूम उठा मैं मदीने चला

मैं मदीने चला में मदीने चला
फिर करम हो गया मैं मदीने चला

अश्क थमते नहीं पाँव जमते नहीं
लड़खड़ाता हुआ में मदीने चला

मेरे आक़ा का दर होगा पेशे नज़र
चाहिए और क्या मैं मदीने चला

मेरे गंदे क़दम और उनका हराम
लाज रखना खुदा मैं मदीने चला

मैं मदीने चला मैं मदीने चला
फिर करम हो गया मैं मदीने चला

ऐ शजर ऐ ह़जर तुम भी शम्सो क़मर
देखो देखो ज़रा मैं मदीने चला

देंखें तारे मुझे ये नज़ारे मुझे
तुम भी देखो ज़रा मैं मदीने चला

रुहे मुज़तर ठहर तू निकल न इधर
इतनी जल्दी है क्या मैं मदीने चला

मैं मदीने चला मैं मदीने चला
फिर करम हो गया मैं मदीने चला

हाथ उठते रहे मुझको देते रहे
वह तलब के सिवा मैं मदीने चला

नूरे हक़ के हुज़ूर अपने सारे कुसूर
बख़्शवाने चला मैं मदीने चला

मुस्तफ़ा के हुज़ूर अपने सारे कुसूर
बख़्शवाने चला मैं मदीने चला

मैं मदीने चला मैं मदीने चला
फिर करम हो गया मैं मदीने चला

मेरे सिद्दीक़ उमर हो सलाम आप पर
और रह़मत सदा मैं मदीने चला

वो उहुद की ज़मीं जिस के अंदर मकीं
मेरे हम्ज़ा पिया मैं मदीने चला

वो बक़ी की ज़मीं जिस के अंदर मकीं
मेरे मदनी पिया मैं मदीने चला

मैं मदीने चला मैं मदीने चला
फिर करम हो गया मैं मदीने चला

गुम्बदे सब्ज़ पर जब पड़ेगी नज़र
क्या सुरुर आएगा मैं मदीने चला

सब्ज़ गुम्बद का नूर ज़ंग कर देगा दूर
पाएगा दिल ज़िला मैं मदीने चला

उनके मीनार जब पड़ेगी नज़र
क्या सुरूर आएगा मैं मदीने चला

मैं मदीने चला मैं मदीने चला
फिर करम हो गया मैं मदीने चला

मिंबरे नूर जब उठेगी नज़र
क्या सुरूर आएगा मैं मदीने चला

उनका गम चश्मए तर और सोज़-ए जिगर
अबतो दे दे खुदा मैं मदीने चला

दर्द-ए-उल्फ़त मिले ज़ौक़ बढ़ने लगे
जब चले क़ाफ़िला मैं मदीने चला

मैं मदीने चला मैं मदीने चला
फिर करम हो गया मैं मदीने चला

क्या करेगा इधर बाँध रख़्त-ए-सफ़र
चल उबैद-ए-रज़ा मैं मदीने चला

क्या ए तूने कहा ऐ उबैद-ए-रज़ा
सोंच तो कुछ ज़रा मैं मदीने चला

मैं तो बस यूँ ही था मेरी औक़ात क्या
क़ाफ़िला ऐ मिला मैं मदीने चला

लुत्फ़ तो जब मिले मुझ से मुर्शिद कहें
चल उबैद-ए-रज़ा मैं मदीने चला

मैं मदीने चला मैं मदीने चला
फिर करम हो गया मैं मदीने चला

 

 

करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ

 

| Naat Karam Mangta Hoon Ata Mangta Hoon Lyrics – in हिंदी

करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

अता कर तू शान-ए-करीमी का सदक़ा
अता कर दे शान-ए-रहीमी का सदक़ा
न माँगूँगा तुझ से तो माँगूँगा किस से
तेरा हूँ मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

जो मुफ़्लिस हैं उन को तू दौलत अता कर
जो बीमार हैं उन को सेहत अता कर
मरीज़ों की ख़ातिर शिफ़ा माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

मेरी जो बहन भी कुँवारी है मौला
उसे नेक रिश्ता अता कर दे मौला
मैं सदक़ा-ए-ज़हरा सदा माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

जो नादार हैं कुछ नहीं जिन के पल्ले
उन्हें भी दिखा दे हरम के तू जल्वे
हुज़ूरी हो सब की दुआ माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

वतन के भड़कते शरारे बुझा दे
इसे फिर उख़ुव्वत का गुलशन बना दे
मैं अम्न-ओ-अमाँ की रिदा माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

इलाही तुझे वास्ता पंज-तन का
हो शादाब ग़ुंचा दिलों के चमन का
मैं सदक़ा-ए-ग़ौस-उल-वरा माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

करम माँगता हूँ अता माँगता हूँ
इलाही मैं तुझ से दुआ माँगता हूँ.

 

हो करम सरकार अब तो हो गए ग़म बेशुमार

 

Ho Karam Sarkar Ab To Lyrics | हो करम सरकार अब तो हो गए ग़म बेशुमार | नात शरीफ | in हिन्दी !

 

हो करम सरकार अब तो हो गए ग़म बे-शुमार.
जान-ओ-दिल तुम पर फ़िदा ए दो जहाँ के ताजदार.

मैं अकेला और मसाइल जिंदगी के बे-शुमार.
आप ही कुछ कीजिए ना ए शहे आली वक़ार.

याद आता है तवाफ़े ख़ाना-ए-काबा मुझे.
और लिपटना मुल्तज़ीम से वालिहाना बार बार.

संगे अस्वद चूम कर मिलता मुझे कैफ़ो सुरूर.
चैन पाता देख कर दिल मुस्तजाब-ओ-मुस्तजार.

जा रहा है क़ाफ़िला तयबा नगर रोता हुआ.
मैं रह जाता हूँ तन्हा, ए हबीब-ए-किर्दगार.

जल्द फिर तुम लो बुला और सब्ज़ गुम्बद दो दिखा.
हाज़री की आरज़ू ने कर दिया फिर बे-क़रार.

चूम कर ख़ाक-ए-मदीना झूमता फिरता था मैं.
याद आते हैं मदीने के मुझे लैल-ओ-नहार.

गुम्बद-ए-ख़ज़रा के जल्वे और वो इफ़्तारियाँ.
याद आती है बहुत रमज़ान-ए-तयबा की बहार.

या रसूलल्लाह सुन लीजे मेरी फ़रियाद को.
कौन है जो कि सुने तेरे सिवा मेरी पुकार.

हाल पर मेरे करम की इक नज़र फ़रमाइए.
दिल मेरा ग़मगीन है, ए ग़मज़दों के ग़म-गुसार.

क़ाफ़िले वालो सुनो याद आए तो मेरा सलाम.
अर्ज़ करना रोते रोते हो सके तो बार बार.

ग़मज़दा यूँ न हुआ होता उबैद-ए-क़ादरी
इस बरस भी देखता गर सब्ज़-गुम्बद की बहार.

 

 

Leave a Reply