Tera Hi Jalwa Tha Moula Lyrics in Hindi

 

तेरा ही जल्वा था मौला हिन्दी में लिखी हुई
मेरे मौला ….

हम तेरे बंदे हैं, खुदा तू है
हम ख़ताकार हैं, अता तू है

शबे मेराज में पता ये चला
मीम के पर्दे में छुपा तू है

पर्दा जिस दम उठा मौला
राज़ ये तब खुला मौला

पर्दा ए मीम के पीछे,, तेरा ही जल्वा था मौला
पर्दा ए मीम के पीछे,, तेरा ही जल्वा था मौला

 

पर्दा जिस दम उठा मौला
राज़ ये तब खुला मौला

पर्दा ए मीम के पीछे,, तेरा ही जल्वा था मौला
पर्दा ए मीम के पीछे,, तेरा ही जल्वा था मौला

अल्लाह अल्लाह अल्लाह अल्लाह

मेरे मौला …..
अल्लाह अल्लाह अल्लाह अल्लाह

 

जिस घड़ी तूने ये चाहा मौला
कोई महबूब भी तो हो अपना

अपने ही नूर से फिर नूर लिया
पैदा फिर उससे मुहम्मद को किया

तेरा वो नूर जब मौला

तेरा वो नूर जब मौला, शक्ल ए अहमद में आ गया

देख कर नूरे अहमद को, तू भी शैदा हुआ मौला
देख कर नूरे अहमद को, तू भी शैदा हुआ मौला

 

ऐ मेरे अल्लाह

देख कर नूरे अहमद को, तू भी शैदा हुआ मौला
देख कर नूरे अहमद को, तू भी शैदा हुआ मौला

अल्लाह अल्लाह अल्लाह अल्लाह
अल्लाह अल्लाह अल्लाह अल्लाह

 

रह़मतें दुनिया में नबी लाए
सारे जुल्मत के छट गए साए

अर्शे आज़म ने फूल बरसाये
हूरो ग़िलमान ये कहते आये

देखा कोई ना हसीं ऐसा
दिल नशीं महजबीं ऐसा

जल्वा ए मुस्तफ़ा में हमें तेरा जल्वा मिला मौला
जल्वा ए मुस्तफ़ा में हमें तेरा जल्वा मिला मौला

तेरा जल्वा- तेरा जल्वा
तेरा जल्वा- तेरा जल्वा

 

ऐ मेरे अल्लाह

तेरा जल्वा- तेरा जल्वा
तेरा जल्वा- तेरा जल्वा

 

पूरी जब हो गई तमन्ना वो
जो तमन्ना लिए वो पहुंची थीं

गोद में जब लिया मुहम्मद को
हो के खुश ये हलीमा कहती थीं

तेरा जल्वा- तेरा जल्वा
तेरा जल्वा- तेरा जल्वा

 

देखा किन्दील में जिब्रील ने जो
बन के वो सूरत ए बशर आया
शबे मेराज ऐ मेरे मौला
वो ही जल्वा तेरा नज़र आया

तेरा जल्वा- तेरा जल्वा
तेरा जल्वा- तेरा जल्वा

 

अल्लाह, मेरे अल्लाह, मेरे अल्लाह, मेरे अल्लाह

(सरगम)

तेरा जल्वा- तेरा जल्वा
तेरा जल्वा- तेरा जल्वा

 

तेग़ ले कर के गुस्से में जिस दम
पहुंचे वो कत्ल करने अहमद को
कलमा पढ़कर उमर ये बोल उठ्ठे
देख कर सूरत ए मुह़म्मद को

तेरा जल्वा- तेरा जल्वा
तेरा जल्वा- तेरा जल्वा

 

कोई दुनिया में ना ऐसा आया
अक्ल वालों ने भी ये ही पाया
तेरा जल्वा है मुह़म्मद बेशक़
इसलिए ही तो नहीं था साया

तेरा जल्वा- तेरा जल्वा
तेरा जल्वा- तेरा जल्वा

 

हर कली और ये गुन्चे चटके
तेरे महबूब से आलम महके
उनके चेहरे की बात ही क्या है
चांद की तरहां से तल्वा चमके

तेरा जल्वा- तेरा जल्वा
तेरा जल्वा- तेरा जल्वा

 

जल्वा ए ह़क़ है वो ख़ुदा की क़सम
देखकर हर कोई झलक बोला
जब नबी ने रखा फ़लक पे क़दम
चूमकर फिर क़दम फ़लक बोला

तेरा जल्वा- तेरा जल्वा
तेरा जल्वा- तेरा जल्वा

 

हस्ती ए बा-सफ़ा में देखा है
दिलवर ए आमना में देखा है
सरवर ए अम्बिया में देखा है
यानी ख़ैरुल वरा में देखा है
अहमद ए मुजतबा में देखा है
हां शहे दोसरा में देखा है
तेरे जल्वों को सब की आंखों ने
सूरत ए मुस्तफ़ा में देखा है

तेरा जल्वा- तेरा जल्वा
तेरा जल्वा- तेरा जल्वा

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