रात दिन और सुब्ह-ओ-शाम तुम पे करोड़ों सलाम / Raat Din Aur Subh-o-Shaam Tum Pe Karodon Salam
रात दिन और सुब्ह-ओ-शाम तुम पे करोड़ों सलाम / Raat Din Aur Subh-o-Shaam Tum Pe Karodon Salam रात दिन और सुब्ह-ओ-शाम, तुम पे करोड़ों सलाम या हुसैन ‘आली-मक़ाम ! तुम पे करोड़ों सलाम पा-ए-‘आबिद चूम कर, बेड़ी बोली झूम कर मैं न डालूँगी निशान, तुम पे करोड़ों सलाम बाप है शेर-ए-ख़ुदा, नाना है ख़ैर-उल-वरा तुम … Read more