ब-कार-ए-ख़्वैश हैरानम अग़िसनी या रसूलल्लाह !
ब-कार-ए-ख़्वैश हैरानम अग़िसनी या रसूलल्लाह ! परेशानम परेशानम अग़िसनी या रसूलल्लाह ! नदारम जुज़ तु मलजाए, नदानम जुज़ तु मावाए तुई ख़ुद साज़-ओ-सामानम अग़िसनी या रसूलल्लाह ! शहा ! बेकस नवाज़ी कुन, तबीबा ! चारा-साज़ी कुन मरीज़-ए-दर्द-ए-‘इस्यानम अग़िसनी या रसूलल्लाह ! न-रफ़्तम राह-ए-बीनायाँ, फ़ुतादम दर चहे ‘इस्याँ बिया ऐ हब्ल-ए-रहमानम अग़िसनी या रसूलल्लाह ! … Read more