दरे ख़्वाजा पे सवाली को खड़ा रहने दो
दरे ख़्वाजा पे सवाली को खड़ा रहने दो सर नदामत से झुका है तो झुका रहने दो मुझ को मिल जाएगा सदक़ा मैं चला जाऊँगा कासा-ए-दिल मेरा क़दमों में पड़ा रहने दो दरे ख़्वाजा पे सवाली को खड़ा रहने दो सर नदामत से झुका है तो झुका रहने दो छोड़ कर आप का दर अब … Read more