मुस्तफ़ा-ए-ज़ात-ए-यकता आप हैं

मुस्तफ़ा-ए-ज़ात-ए-यकता आप हैं यक ने जिसको यक बनाया आप हैं आब-ओ-गिल में नूर की पहली किरण जाने आदम जाने हवा आप हैं ला-मकान तक जिसकी फैली रौशनी वो चराग़-ए-आलम-आरा आप हैं है नमक जिस का ख़मीर-ए-हुस्न में वो मलीहे हुस्न-आरा आप हैं नाज़िश-ए-अर्श ओ वक़ार-ए-अर्शियाँ साहिब-ए-क़ौसैन ओ अदना आप हैं आप की तलबत ख़ुदा का … Read more