या इलाही ! रहम फ़रमा मुस्तफ़ा के वासिते

  या इलाही ! रहम फ़रमा मुस्तफ़ा के वासिते या रसूलुल्लाह ! करम कीजे ख़ुदा के वासिते मुश्किलें हल कर शह-ए-मुश्किल कुशा के वासिते कर बलाएँ रद शहीद-ए-कर्बला के वासिते सय्यिद-ए-सज्जाद के सदक़े में साजिद रख मुझे ‘इल्म-ए-हक़ दे बाक़िर-ए-‘इल्म-ए-हुदा के वासिते सिदक़-ए-सादिक़ का तसद्दुक़ सादिक़-उल-इस्लाम कर बे-ग़ज़ब राज़ी हो काज़िम और रज़ा के वासिते … Read more