आ गए आ गए मुस्तफ़ा आ गए
आ गए आ गए मुस्तफ़ा आ गए आज दुनिया में ख़ैर-उल-वरा आ गए बज़्म-ए-कौनैन में हर तरफ़ शोर है मुस्तफ़ा आ गए मुज्तबा आ गए अर्श वाले मुबारक देने लगे फ़र्श वालो हबीब-ए-ख़ुदा आ गए कौन देता है देने को मुँह चाहिए देने वाला है सच्चा हमारा नबी क्या ख़बर कितने तारे खिले छुप गए … Read more