अमल नहीं कुछ भी ये हाल हमारा है
अमल नहीं कुछ भी ये हाल हमारा हैबस आप की रहमत का सर्कार सहारा है डूबा हूँ गुनाहों में, सर्कार करम करनारहमत भी तुम्हारी, बंदा भी तुम्हारा है ऐ मौत ज़रा रुक जा, क्या इतनी भी जल्दी हैआँखों में अभी मेरी, तैबा का नज़ारा है चाहे ये जहाँ छूटे, चाहे ये जहाँ रूठेटूटे न शहा … Read more