आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारा

  आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारा सबा ! तू मदीने जा के कहना ख़ुदारा ! ग़म से हैं टूटे हुए, इस्याँ में डूबे हुए कर दो करम या नबी ! हैं हाथ फैले हुए रोज़-ए-महशर उम्मती का आप ही सहारा आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारा सबा ! तू मदीने जा के … Read more