बयां हो किस ज़बां से मरतबा सिद्दीक़-ए-अकबर का,
बयां हो किस ज़बां से मरतबा सिद्दीक़-ए-अकबर का, है यार-ए-गार महबूब-ए-खुदा सिद्दीक-ए-अकबर का। इलाही रहम फरमा खादिम-ए-सिद्दीक-ए-अकबर हूं, तेरी रहमत के सदके वास्ता सिद्दीक-ए-अकबर का। रूसूल और अंबिया के बाद जो अफज़ल हो आलम में, ये आलम में है किसका मरतबा सिद्दीक-ए-अकबर का। गदा सिद्दीक-ए-अकबर का खुदा से फ़ज़्ल पाता है, खुदा के फ़ज़्ल से … Read more