तू हैं वो गौस की हर गौस हैं शैदा तेरा

तू हैं वो गौस की हर गौस हैं शैदा तेरा तू हैं वो गिस की हर गिस हैं प्यासा तेरा सूरज अगलों के चमकते थे चमक कर डूबे उफ़के नूर पे हैं महर हमेशा तेरा मुर्ग सब बोलते हैं बोल के चुप रहते हैं हा असील एक नवासंज रहेगा तेरा जो वली क़ब्ल थे या … Read more