अल्लाह रे क्या बारगह-ए-ग़ौस-ए-जली है
अल्लाह रे क्या बारगह-ए-ग़ौस-ए-जली है गर्दन को झुकाए हुए एक एक वली है हर-गाम पे सज्दे की तमन्ना है जबीं […]
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अल्लाह रे क्या बारगह-ए-ग़ौस-ए-जली है गर्दन को झुकाए हुए एक एक वली है हर-गाम पे सज्दे की तमन्ना है जबीं […]
पीरों के आप पीर हैं या ग़ौस अल-मदद / पीरों के आप पीर हैं, या ग़ौस ! अल-मदद अहल-ए-सफ़ा
Qaseeda Gousiya with English Translation Our Beloved Shaikh Abd al-Qadir (may Allah be well pleased with him) said: “Countless benefits
तजल्ली ए नूर ए क़िदम ए ग़ौस ए आज़म ज़िया ए सिराज उज़् ज़ुलम ग़ौस ए आज़म तेरा हिल है
Aseeron Ke Mushkil Kusha Ghaus-e-Azam Manqabat Lyrics Aseeron Ke Mushkil Kusha Ghaus-e-Azam ek mashhoor Manqabat hai jo Sarkar-e-Baghdad, Mehboob-e-Subhani,
सुनते हो बेकसों की फ़रियाद गौस-ए-आज़म मज़लूम तुमसे पाते हैं दाद गौस-ए-आज़म जल्वों से अपने करके आबाद गौस-ए-आज़म खादिम का
Ya Ghaus Ul Azam Aapke Dar Laga Hoon Main Lyrics Yeh behad dard bhari aur pur-soz Manqabat “Ya Ghaus Ul
बन्दा क़ादिर का भी क़ादिर भी है अ़ब्दुल क़ादिर सिर्रे बात़िन bhi है ज़ाहिर भी है अ़ब्दुल क़ादिर मुफ़्तिये शरअ़
पीर मेरे बग़दादी ग़ौस उल अनाम वोह हैं मेरे आक़ा, मैं उन का ग़ुलाम चहीते ख़ुदा और रसूले ज़मन के
फासलों को खुदारा ! मिटा दो फासलों को खुदारा ! मिटा दो रुख से पर्दा अब अपने उठा दो अपना