या नबी ! नज़र-ए-करम फ़रमाना
या नबी ! नज़र-ए-करम फ़रमानाऐ हसनैन के नाना ! ऐ हसनैन के नाना !ज़हरा पाक के सदक़े हम को तयबा में बुलवानाऐ हसनैन के नाना ! ऐ हसनैन के नाना ! तयबा नगर के चँदा ! मोरी क़िस्मत को चमकाओकब से नैना तरस रहे हैं, सूरत तो दिखलाओदोनों जगत के वाली ! मोरी नय्या पार … Read more