कादरी आस्ताना सलामत रहे

कादरी आस्ताना सलामत रहे मुस्तफ़ा का घराना सलामत रहे। पल रहे हैं जहाँ से ये दोनों जहाँ, वो सखी आस्ताना सलामत रहे। दर्द मंदों के सर पर है साया फिगन, आप का शामियाना सलामत रहे। तुम से मंसूब है ज़िन्दगी का निसाब, हश्र तक ये फ़साना सलामत रहे। ये नकीरैन बोलें मुझे कब्र में, मुस्तफ़ा … Read more