रुख़-ए-सरकार सा कोई नज़ारा हो नहीं सकता
रुख़-ए-सरकार सा कोई नज़ारा हो नहीं सकता ज़माने में मुहम्मद (स.अ.व.) सा प्यारा हो नहीं सकता शब-ए-मेअराज रब बोला यही […]
Naat Sharif Lyrics
रुख़-ए-सरकार सा कोई नज़ारा हो नहीं सकता ज़माने में मुहम्मद (स.अ.व.) सा प्यारा हो नहीं सकता शब-ए-मेअराज रब बोला यही […]
Ye kalaam “Tu Sham-e-Risalat Hai Aalam Tera Parwana” Huzur Mufti-e-Azam Hind, Allama Mustafa Raza Khan (Noori) ki likhi hui ek
आख़िरी लम्हों में क्या शहर-ओ-बियाबाँ देखूं Lyrics in Hindi आख़िरी वक़्त में क्या रौनक़-ए-दुनिया देखूं अब तो बस एक ही
آتے ہیں آتے ہیں سرکارِ مدینہ جہاں ذکر کیا جائے ان کا، تشریف وہاں پر لاتے ہیں ہیں آمنہ پیارا
کیا ٹھیک ہو رُخِ نبوی پر مثالِ گل پامال جلوۂ کفِ پا ہے جمَالِ گل جنّت ہے ان کے
अब्र-ए-करम गेसू-ए-मुहम्मद / Abr-e-Karam Gesoo-e-Muhammad अब्र-ए-करम गेसू-ए-मुहम्मद सल्लल्लाहु ‘अलैहि व सल्लम दोनों हरम अब्रू-ए-मुहम्मद सल्लल्लाहु ‘अलैहि व सल्लम सब से
hamne quraan mai parha hai Naat Lyrics hamne quraan mai ye parha hai pyaare aaka ka rotba bara hai bage
ये काश उनके दर पर यूँ मौत मेरी आए नज़रें झुकी हों मेरी, दिल नात गुनगुनाए। मेरे रब मुझे अता
आँखें रो-रो के सूजाने वाले / آنکھیں رو رو کے سُجانے والے/ Aankhen Ro Ro Ke Sujane wale Lyrics aankhen
जो सुन्नियत की शान है रज़ा उसी का नाम है | रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा / Jo Sunniyat Ki Shaan