Kya Jane Duniya Wale Rutba Mere Madani Ka Lyrics

क्या जाने दुनिया वाले रुत्बा मेरे मदनी का लिरिक्स | Kya Jane Duniya Wale Rutba Mere Madani Ka Lyrics

क्या आप Kya Jane Duniya Wale Rutba Mere Madani Ka Naat Lyrics की तलाश में हैं? यह एक बेहद अक़ीदत से भरी मनक़बत है जो शैख़-उल-इस्लाम, मुजद्दिद-ए-आजम, अल्लामा सय्यद शाह मुहम्मद मदनी मियाँ अशरफ़ी-उल-जीलानी (दामत बरकातुहुमुल आलिया) की शान में लिखी गई है।

इस कलाम का हर शेर हज़रत मदनी मियाँ के इल्मी मर्तबे, आपकी नबी और अहले बैत से निस्बत, और आपके फ़ैज़ान का खूबसूरत बयान है। यह मनक़बत हर अशरफ़ी मुरीद के दिल की आवाज़ है।

Naat Info (नात की जानकारी)

कलाम क्या जाने दुनिया वाले रुत्बा मेरे मदनी का
किसकी शान में शैख़-उल-इस्लाम सय्यद मुहम्मद मदनी मियाँ अशरफ़ी
शायर (Poet) फ़ाज़िल (Fazil)
भाषा उर्दू / हिंदी

Kya Jane Duniya Wale Rutba Mere Madani Ka Lyrics in Roman English

Kya jaane duniya waale rutba mere Madani ka,
Khaata hai saara zamaana sadqa mere Madani ka.

Aal-e-Nabi, Aulaad-e-Ali hain, aur farzand-e-Batool,
Inke chehre ko dekho toh yaad aate hain Rasool.
Ghaus-e-Azam ki shabeeh hai chehra mere Madani ka.

Woh hain Mujaddid, woh hain Mufassir, har Sunni ke Imam,
Hum sab unke tukdon par palne waale hain ghulaam.
Milta hai Taiba se humko sadqa mere Madani ka.

Rab ke karam se hum ko mili Shaikh-ul-Islam ki nisbat,
Hashr mein is nisbat se milegi Ashrafiyon ko Jannat.
Chalta hai dono jahaan mein sikka mere Madani ka.

Log deewane ban jaate hain, aisi hai taseer,
Baatil ko ruswa kar deti hai unki taqreer.
Duniya mein sab se juda hai lehja mere Madani ka.

Mere Nabi aur Maula Ali, Ghaus-o-Khwaja bhi honge,
Qutb-o-Fareed-o-Nizam-o-Sabir, Ashraf-e-Simnan honge.
Mehshar mein bhi hoga ‘FAZIL’ jalsa mere Madani ka.

Kya Jane Duniya Wale Rutba Mere Madani Ka Lyrics in Hindi

क्या जाने दुनिया वाले रुत्बा मेरे मदनी का,
खाता है सारा ज़माना सदक़ा मेरे मदनी का।

आल-ए-नबी, औलाद-ए-अली हैं, और फ़रज़ंद-ए-बतूल,
इनके चेहरे को देखो तो याद आते हैं रसूल।
ग़ौस-ए-आज़म की शबीह है चेहरा मेरे मदनी का।

वो हैं मुजद्दिद, वो हैं मुफ़स्सिर, हर सुन्नी के इमाम,
हम सब उनके टुकड़ों पर पलने वाले हैं ग़ुलाम।
मिलता है तैबा से हमको सदक़ा मेरे मदनी का।

रब के करम से हम को मिली शैख़-उल-इस्लाम की निस्बत,
हश्र में इस निस्बत से मिलेगी अशरफ़ियों को जन्नत।
चलता है दोनों जहाँ में सिक्का मेरे मदनी का।

लोग दीवाने बन जाते हैं, ऐसी है तासीर,
बातिल को रुसवा कर देती है उनकी तक़रीर।
दुनिया में सब से जुदा है लहजा मेरे मदनी का।

मेरे नबी और मौला अली, ग़ौस-ओ-ख़्वाजा भी होंगे,
क़ुत्ब-ओ-फ़रीद-ओ-निज़ाम-ओ-साबिर, अशरफ़-ए-सिमनां होंगे।
महशर में भी होगा ‘फ़ाज़िल’ जलसा मेरे मदनी का।

Kya Jane Duniya Wale Rutba Mere Madani Ka Lyrics in Urdu (اردو میں)

کیا جانے دنیا والے رتبہ میرے مدنی کا
کھاتا ہے سارا زمانہ صدقہ میرے مدنی کا

آلِ نبی، اولادِ علی ہیں، اور فرزندِ بتول
ان کے چہرے کو دیکھو تو یاد آتے ہیں رسول
غوثِ اعظم کی شبیہ ہے چہرہ میرے مدنی کا

وہ ہیں مجدد، وہ ہیں مفسر، ہر سنی کے امام
ہم سب ان کے ٹکڑوں پر پلنے والے ہیں غلام
ملتا ہے طیبہ سے ہم کو صدقہ میرے مدنی کا

رب کے کرم سے ہم کو ملی شیخ الاسلام کی نسبت
حشر میں اس نسبت سے ملے گی اشرفیوں کو جنت
چلتا ہے دونوں جہاں میں سکہ میرے مدنی کا

لوگ دیوانے بن جاتے ہیں، ایسی ہے تاثیر
باطل کو رسوا کر دیتی ہے ان کی تقریر
دنیا میں سب سے جدا ہے لہجہ میرے مدنی کا

میرے نبی اور مولا علی، غوث و خواجہ بھی ہوں گے
قطب و فرید و نظام و صابر، اشرفِ سمنان ہوں گے
محشر میں بھی ہوگا فاضلؔ جلسہ میرے مدنی کا

Kya Jane Duniya Wale Rutba Mere Madani Ka Lyrics in Gujarati (ગુજરાતીમાં)

ક્યા જાને દુનિયા વાલે રુત્બા મેરે મદની કા,
ખાતા હૈ સારા ઝમાના સદકા મેરે મદની કા।

આલ-એ-નબી, ઔલાદ-એ-અલી હૈં, ઔર ફરઝંદ-એ-બतूल,
ઇનકે ચેહરે કો દેખો તો યાદ આતે હૈં રસૂલ।
ગૌસ-એ-આઝમ કી શબીહ હૈ ચેહરા મેરે મદની કા।

વો હૈં મુજદ્દિદ, વો હૈં મુફસ્સિર, હર સુન્ની કે ઇમામ,
હમ સબ ઉનકે ટુકડોં પર પલને વાલે હૈં ગુલામ।
મિલતા હૈ તૈબા સે હમકો સદકા મેરે મદની કા।

રબ કે કરમ સે હમ કો મિલી શૈખ-ઉલ-ઇસ્લામ કી નિસ્બત,
હશ્ર મેં ઇસ નિસ્બત સે મિલેગી અશરફિયોં કો જન્નત।
ચલતા હૈ દોનોં જહાં મેં સિક્કા મેરે મદની કા।

 

 

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