ए सखी शहबाज़ क़लंदर

ए सखी शहबाज़ क़लंदर

हैं गदा दुनिया तुम्हारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर
धूम हैं घर घर तुम्हारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

ज़ोलिया भरदो हमारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

नाम तेरा लाल मौला मुश्किलों को टाल मौला
दफ़ा कर आफ़त हमारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

ज़ोलिया भरदो हमारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

आए हैं दर पर तुम्हारे अपने दामन को फैलाए
इल्तिजा सुन हमारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

ज़ोलिया भरदो हमारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

लो सदा नाम क़लंदर और पियो जाम क़लंदर
हर धड़ी हरदम हो जारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

ज़ोलिया भरदो हमारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

आप का दरबार आली भीख हैं सब से निराली
फ़ैज़ पाती ख़ल्क़ सारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

ज़ोलिया भरदो हमारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

ए सखी अपने करम से मुझ को भी सदा करदे
हैं आलिम अदना बिकारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

ज़ोलिया भरदो हमारी ए सखी शहबाज़ क़लंदर

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