बच्चा बच्चा मुस्कुराया बारहवीं का चाँद आया
खुशियों का तूफ़ान लाया बारहवीं का चाँद आया
शादमानी के तराने गूँजते हैं दहर में
वज्द में हर शख़्स आया बारहवीं का चाँद आया
रोशनी ही रोशनी है चाँदनी ही चाँदनी
ज़रा ज़रा जगमगाया बारहवीं का चाँद आया
हो गए हैं बन्द सारे ज़ुल्मतों के बाब आज
दहर में वो नूर आया बारहवीं का चाँद आया
खिल उठीं कलियाँ मोहब्बत की ग़ुलों पर है निख़ार
बाग़-ए-उल्फ़त लहलहाया बारहवीं का चाँद आया
साज़-ए-जाँ पर बज रहा है एक नग़्मा बार-बार
आमिना का लाल आया बारहवीं का चाँद आया
शुक्र करते ही रहो रब का उजागर सुबह-ओ-शाम
रब का कैसा फ़ज़ल पाया बारहवीं का चाँद आया