धड़कते दिल की यही सदा है, हुसैन मेरा सलाम ले लो
तेरे गुलामों की इल्तिजा है, हुसैन मेरा सलाम ले लो
यज़ीदियों की शरारतें फिर, हुसैनियों को सता रही हैं
हज़ारों ज़ख्मों से दिल भरा है, हुसैन मेरा सलाम ले लो
वो दीन जिसके चमन को तुमने, गला कटा कर बहारें दी थीं
वो दीन फिर आज सूख रहा है, हुसैन मेरा सलाम ले लो
क़दम क़दम मंज़रे क़यामत, नफ़स नफ़स एक ताज़ा ग़म है
हर एक मंज़िल पे करबला है, हुसैन मेरा सलाम ले लो
बुला के चौखट पे सुर्ख़ गुम्बद, दिखा दो आक़ा शहीदे आज़म
तुम्हारा ‘तस्नीम’ कह रहा है, हुसैन मेरा सलाम ले लो