रिफ़अत-ए-सुब्ह-ए-सआदत ज़िंदाबाद (Hindi Lyrics)
रिफ़अत-ए-सुब्ह-ए-सआदत ज़िंदाबाद
मरहबा जश्न-ए-विलादत ज़िंदाबाद
मो’जिज़ा ही मो’जिज़ा है उनकी ज़ात
शाहकार-ए-दस्त-ए-क़ुदरत ज़िंदाबाद
हर तजल्ली आपसे ज़ाहिर हुई
मरहबा माह-ए-रिसालत ज़िंदाबाद
ज़िंदगी फिर ज़िंदगी लगने लगी
जब से कह आए, वहदत ज़िंदाबाद
किब्र-ओ-नख़वत को मिटाया आपने
परचम-ए-इज्ज़-ओ-मुहब्बत ज़िंदाबाद
दुश्मन-ए-जाँ पर भी साया-ए-करम
आपकी तनवीर-ए-सीरत ज़िंदाबाद
नात उनकी ऐ ‘उजागर’ लिखते ही
मुझ में उतरी है मुसर्रत ज़िंदाबाद