जो भी शैदा मेरे हुसैन का है

सिर्फ़ उनके लिए ही है अल्लाह
जो भी शैदा मेरे हुसैन का है

ज़ुल्म करना तो सिर्फ़ यज़ीद का था
सब्र करना मेरे हुसैन का है

सारे लश्कर पे पड़ गया भारी
शेर बेटा मेरे हुसैन का है

नाज़ करता है आज भी अज़हर
ऐसा सजदा मेरे हुसैन का है

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