Ab Dekh Ke Jee Ghabraata Saawan Ki Suhaani Raaton Ko Lyrics in Hindi

Ab Dekh Ke Jee Ghabraata Saawan Ki Suhaani Raaton Ko Lyrics in Hindi

 

अब देख के जी घबराता है , सावन की सुहानी रातों को
पिया छोड़ गए,दिल ♥ तोड़ गए ,,अब आग लगे बरसातों को।

ऐ -जाने-मोहोब्बत जाने-ग़ज़ल आओ तो तुम्हारी नज़र करे,
आँखों में सजाये बैठे हैं,,हम प्यार भरी सौगातों को।

यूँ प्यार की कसमें खा खा कर ,क्यूँ झूटी तसल्ली देते हो,
बस रहने दो हम जान गए , सरकार तुम्हारी बातों को।

मस्का हुआ आँचल शानो पे, ये जुल्फ की लट्ट उलझी उलझी ,
आँखों की ख़ुमारी कहती है , रहते हो कहीं तुम रातों को।

जुल्फों को हवा में लहराना ,हँस हँस के तुम्हारा बलखाना ,
अंदाज़ हैं सब दिल लेने के , हम जान गए इन बातों को।

बेदर्द हसीनो की खातिर , क्यूँ होते हो बदनाम फ़ना ,
सफ़्फ़ाक सितमगर क्या समझे , हम दिलवालो की बातों को।

अब देख के जी घबराता है , सावन की सुहानी रातों को
पिया छोड़ गए,दिल ♥ तोड़ गए ,,अब आग लगे बरसातों को।

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