फ़ातिमा, तेरी चादर का क्या पूछना
तेरी चादर के टुकड़े बहत्तर हुए
उन बहत्तर का एहसान इस्लाम पर
कि फ़ातिमा, तेरे बाबा हबीब-ए-खुदा
तेरे शौहर हैं मौला अली मुर्तज़ा
तेरे बच्चे शहीदान-ए-कर्बोबला
तेरे बच्चों का एहसान इस्लाम पर
फ़ातिमा, तेरी चादर का क्या पूछना
तेरी चादर के टुकड़े बहत्तर हुए
रन में ज़ैनब ने हक़ को अदा कर दिया
यानी तामील-ए-हुक्म-ए-खुदा कर दिया
अपने बेटों को हक़ पर फ़िदा कर दिया
ऐसी माँ का है एहसान इस्लाम पर
फ़ातिमा, तेरी चादर का क्या पूछना
तेरी चादर के टुकड़े बहत्तर हुए