तेरी हम्दो सना हमसे कब हो बयां

अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु

अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु

 


तेरी हम्दो सना हमसे कब हो बयां

जुज़ ओ कुल करते हैं वस्फ़ तेरा बयां

 


ज़र्रे ज़र्रे से जलवा है तेरा अयां

हर जगह होके भी हमसे पोशीदा तू

 


अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु…………………..

 


तेरी हम्दो सना मेरे परवर दिगार

मुस्तफ़ा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) तेरी कुदरत के हैं शाहकार

 


और उनको बनाया मेरा ग़मगुसार

सदक़े में मुस्तफ़ा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ही के बख्शेगा तू

 


अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु…………………..

 


खालिके मुस्तफ़ा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) मेरे अल्लाहु तू

तेरे दस्ते करम ने किया ख़ूबरू

 


खुद बनाकर उन्हें उन पे शैदा है तू

सारे औसाफ़ में है किया वहदहू

 


अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु…………………..

 


रब से पाया नबी ने है मनसब ‘रफ़ी’

और खुदा ने बनाया है उनको शफी

 


देखना हश्र में वो कहेंगे ‘रफ़ी’

मेरी जन्नत है ये इसका हक़दार तू

 


अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु…………………..

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