ऐ वतन! तेरे लिए जाँ और दिल क़ुर्बान है।

हम को अपनी जान से प्यारा ये हिन्दुस्तान है,
ऐ वतन! तेरे लिए जाँ और दिल क़ुर्बान है।

मुंबई है जिसकी आँखें और दिल्ली जिसका दिल,
ज़ुल्फ़ कलकत्ता है जिसकी, लखनऊ जिसका है तिल,
इसके हर इक शहर की अपनी अलग पहचान है।

वादी-ए-कश्मीर है इस देश में जन्नत-निशाँ,
देश की मिट्टी उगलती है सदा सोना यहाँ,
इस मुबारक सर-ज़मीं पर फ़ज़्ल-ए-रब हर आन है।

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब का है प्यारा चमन,
ये शहीदों ने कहा है चूम कर दार-ओ-रसन,
हम न समझेंगे अगर ये बात तो नुक़सान है।

फूलता-फलता रहे हर दम चमन अपना, ‘ज़िया’!
शाद हो, आबाद हो दुनिया में ये भारत सदा,
हो तिरंगा सब से ऊँचा बस यही अरमान है।

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