Mustafa Ki Aamad Ka Waqt Kya Nirala Hai Lyrics | मुस्तफ़ा की आमद का वक़्त क्या निराला है

Mustafa Ki Aamad Ka Waqt Kya Nirala Hai Lyrics

 

 

Mustafa Ki Aamad Ka Waqt Kya Nirala Hai Lyrics

Naat Name Mustafa Ki Aamad Ka Waqt Kya Nirala Hai
Recite OWES RAZA QADRI
Writer ADEEB RAYPURI
LANGUAGE URDU
Category MANQABAT
Released Date

 

 

Mustafa Ki Aamad Ka Waqt Kya Nirala Hai

Shab Guzarne Waali Hai Din Nikalne Wala Hai

मुस्तफ़ा की आमद का वक़्त क्या निराला है

शब गुज़रने वाली है दिन निकलने वाला है

 

Unke Paon Ka Dhowan Chand Me Siraron Me

Rang-O-Rogan-E-Jannat Aapka Gusaala Hai

उनके पांव का धोबन चांद में सितारों में

रंग-ओ-रोगने जन्नत आपका गुसाला है

 

Hazraton Ke Hazrat Bhi Dekh Kar Yehi Bole

Mere Aala Hazrat Ka Martaba Nirala Hai

हज़रतों के हज़रत भी देखकर यही बोले

मेरे आला हज़रत का मर्तबा निराला है

 

Aasman Ki Unchaayi Usko Paa Nahin Sakti

Jis Ko Aala Hazrat Ke Ishq Ne Uchhala Hai

आसमां की ऊंचाई उसको पा नहीं सकती

जिसको आला हज़रत के इश्क़ ने उछाला है

 

Dushmanane Aaqa To Jayen Ge Jahannam Me

Aashiqon Ki Qismat Me Jannati Niwala Hai

दुश्मनाने आक़ा तो जाएंगे जहन्नम में

आशिकों की क़िस्मत में जन्नती निवाला है

 

Us Ko Chhoo Nahin Saktin Zahmatein Zamane Ki

Jisko Mere Aaqa Ki Rahmaton Ne Pala Hai

उसको छू नहीं सकतीं ज़हमतें ज़माने की

जिसको मेरे आक़ा की रह़मतों ने पाला है

 

Mustafa Ki Aamad Ka Waqt Kya Nirala Hai

Shab Guzarne Waali Hai Din Nikal Ne Wala

मुस्तफ़ा की आमद का वक़्त क्या निराला है

शब गुज़रने वाली है दिन निकलने वाला है

 

Ud gaai chehre ki rangat maa tere jane ke baad Lyrics

Nisbat Se Teri Kyun Na Rahooñ Sarfaraz Maiñ Qawwali Lyrics

Ye Rifat-e Zikr-e Mustafa Hai Naat Lyrics

 

मुस्तफ़ा की आमद का वक़्त क्या निराला है

 

 

मुस्तफ़ा की आमद का वक़्त क्या निराला है
शब गुज़रने वाली है दिन निकलने वाला है

आसमान भी जिस दर पे सर झुकाने वाला है
मुस्तफा की चौखट का मरतबा निराला है

खाके पाए आका को मल के अपने चेहरे पर
रब को मुंह दिखाने का रास्ता निकाला है

मुस्तफ़ा की आमद का वक़्त क्या निराला है

उसको छू नहीं सकतीं ज़हमतें ज़माने की
जिसको मेरे आक़ा की रह़मतों ने पाला है

आसमां की ऊंचाई उसको पा नहीं सकती
जिसको मेरे आका के इश्क़ ने उछाला है

मुस्तफ़ा की आमद का वक़्त क्या निराला है

हज़रतों के हज़रत भी देख कर यही बोले
मेरे आला हज़रत का मरतबा निराला है

उनके पांव का धोवन चांद में सितारों में
रंग-ओ-रोगने जन्नत आपका गुसाला है

मुस्तफ़ा की आमद का वक़्त क्या निराला है

दुश्मनाने आक़ा तो जाएंगे जहन्नम में
आशिकों की क़िस्मत में जन्नती निवाला है

मुस्तफ़ा की आमद का वक़्त क्या निराला है
शब गुज़रने वाली है दिन निकलने वाला है

Written By Asad Iqbal Kalkattavi

 

 

Sambhal Ja Ae Dil E Muztar Madina Aane Wala Hai Lyrics

Tafseer Ul Jilani Tafseer PDF Book Download

Naseeb Chamke Hain Farshiyon Ke Naat Lyrics

Mustafa Ka Badan Noor Hai Naat Lyrics

NAHI HAI KOI DUNIYA MEIN HAMARA NAAT LYRICS

GUNGUNANE KE LIYE SALLE ALA KAAFI HAI NAAT LYRICS

 

 

Category : Naat Lyrics,

Writer/Lyricist : Asad Iqbal Kalkattavi,

Naatkhwan/Artist : Asad Iqbal Kalkattavi,

Leave a Reply